रचना चौधरी@जयपुर।

देश की तकरीबन सभी राजनीतिक पार्टियों में वंशवाद आलाकमान से लेकर निचले स्तर पर खूब फल-फूल रहा है। वंशवाद का सबसे बड़ा उदाहरण गांधी, मुलायम सिंह यादव, लालू यादव, चौटाला समेत कई दक्षिण भारतीय सियासी परिवार हैं।

अब इसी परंपरा को आगे बढाते हुए कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में राजस्थान की 25 सीटों के उम्मीदवारी के पैनल में यही वंशवाद सामने आ रहा है। करीब 20 परिवारों ने दावेदारी ठोकी है।

लोकसभा की 25 में से 20 सीटों पर फलेगी कांग्रेस के वंशवाद की बैल! 1

पार्टी के द्वारा जिन 25 लोकसभा सीटों के लिए 3-3 नामों को लेकर पहला पैनल तैयार किया गया है, उनमें से 20 लोकसभा क्षेत्रों में वंशवाद का बोलबाला सामने आया है।

पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर मंत्रियों-विधायकों के रिश्तेदारों की भीड़ सामने आ गई है। गहलोत के बेटे वैभव गहलोत का नाम जालौर-सिरोही और टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट से पैनल में आया है।

इसी तरह से यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की पुत्रवधु एकता धारीवाल (कोटा), परसादी लाल मीणा के बेटे कमल मीणा (दौसा), प्रमोद जैन भाया की पत्नी उर्मिला जैन (झालावाड़-बारां), मुरारीलाल मीणा की पत्नी सविता मीणा (दौसा), महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी (जयपुर) जैसे नाम शामिल हैं।

खेमराज कटारा के बेटे विवेक कटारा (उदयपुर), बृजेन्द्र ओला की पत्नी राजबाला ओला (झुंझुनूं), राजकुमार शर्मा के भाई राजपाल शर्मा (जयपुर), हरेंद्र मिर्धा के बेटे राघवेंद्र मिर्धा (नागौर) और स्व नरेंद्र भाटी के बेटे मृगेंद्र भाटी (जोधपुर) से दावेदारी जताई है।

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