jaipur
राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के द्वारा कृषकों का 10​ दिन के भीतर सम्पूर्ण ऋणमाफ करने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी 2.37 लाख कृषकों को कर्जमाफी का इंतजार है।

बैंक के भारी ऋण और बैंककर्मियों के द्वारा परेशान होकर आज ही एक किसान ने श्रीगंगानगर में आत्महत्या कर ली है। किसान के सुसाइड पर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दुख व्यक्त किया है।

पायलट ने कहा कि सरकार ने कर्जमाफी करने के तमाम प्रयास कर रही है, किंतु फिर भी किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है।

इधर, भाजपा ने कांग्रेेस पर चुनाव जीतने के लिए झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऋणमाफ होता तो अब तक एक दर्जन किसानों ने आत्महत्या नहीं की होती।

बता दें कि राज्य सरकार के ऐलान के बाद प्रदेश के 21.75 लाख किसानों ने कर्जमाफ करने के लिए पंजीकरण करवाया था, किंतु पांच महीनें निकलने पर भी केवल 19.38 लाख कृषकों का ही ऋण माफ किया गया है।

बताया जा रहा है कि जिन 2.37 लाख किसानों को लोनमाफी का इंतजार है, उनके आधार कार्ड वैरिफिकेशन नहीं हुए हैं, जिसके कारण उनके कर्जमाफ होने की प्रक्रिया अटकी हुई है।

उल्लेखनीय है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार ने भी प्रदेश के किसानों का 7174 करोड़ रुपयों का कर्जमाफ किया था। इसमें सहकारी बैंकों से 50 हजार रुपये तक का कर्ज था।

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, अब के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने सरकार बनने पर 10 दिन में कर्जमाफ करने का ऐलान किया था।