sms hospital life line (file photo)

जयपुर।

सवाई मानसिंह अस्पताल की लाइफ लाइन में लगी आग में करीब 5 करोड़ के दवा खरीद के दस्तावेज जलाने के दोषी डॉ एसएस राणावत ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 12 लाख का टेंडर भी जारी कर दिया।

1 जुलाई को डॉक्टर्स डे पर भव्य आयोजन के लिए दोषी डॉ. आरएमएससी के रजिस्ट्रार डॉ एसएस राणावत ने यह आर्डर दो दिन पहले ही जारी किया है।

बता दें कि पिछले दिनों सवाई मानसिंह अस्पताल के लाइफ लाइन में अग्नि कांड हुआ था, जिसमें करीब 5 करोड रुपए की दवा खरीद के दस्तावेजों को जला दिया गया था।

इस मामले की दो कमेटियों ने जांच की और दोनों ने दवा खरीद के प्रभारी डॉ एसएस राणावत और डॉ प्रभात सराफ को दोषी पाया है।

उनके साथ ही 5 फार्मासिस्टों को भी इस अग्निकांड का दोषी पाया गया है। इस प्रकरण में कई नर्सिंग कर्मचारियों के भी नाम सामने आ रहे हैं।

आपको बता दें कि अग्निकांड के वक्त मची अफरा-तफरी और धुएं में दम घुटने के कारण एक वृद्ध महिला मरीज की भी मौत हो गई थी।

अब राज्य सरकार ने जब रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है और इस प्रकरण को लेकर केंद्र सरकार को लिखने की बात कही है, तब डॉ एसएस राणावत के द्वारा बतौर आरएमएससी रजिस्ट्रार 12 लाख रुपए का टेंडर जारी किया जाना सवालों के घेरे में आ गया है।

बताया जा रहा है कि आज या कल में डॉ राणावत, डॉ प्रभात सराफ और दोषी पाए गए सभी 5 फार्मासिस्टों को निलंबित किया जाएगा।

आपको यह भी बता दें कि 1 जुलाई 2019 को आरएमएससी के द्वारा डॉक्टर्स डे पर डॉक्टरों को सम्मानित करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

आरोप यह भी आया है कि इस आयोजन के पीछे कई डॉक्टर्स से लाखों रुपए लेकर पुरस्कृत करने और स्मृति चिन्ह देने के लिए यह आयोजन किया जाना प्रस्तावित है।

हालांकि, कार्यक्रम के सचिव डॉ. ईश मुंजाल ने इस बात को सिरे से नकारते हुए कहा है कि इस तरह की बातें वही करते हैं जो डॉक्टर अयोग्य हैं।

आयोजन को लेकर डॉ एसएस राणावत ने कहा है कि बीते 2 साल से यह आयोजन होता आ रहा है, और उसी को रजिस्ट्रार के नाते उन्होंने इस बार भी आयोजित करने का फैसला किया है।

आरएमएससी के गवर्निंग बॉडी होने के नाते इस तरह के आयोजन होने के सवाल पर डॉ एसएस राणावत ने कहा कि उन्हें नियमों का पता नहीं है कि इसके नियम क्या हैं, लेकिन पिछले 2 साल से डॉक्टर्स डे पर आयोजन होता है, इसलिए वह भी इसका आयोजन कर रहे हैं।

आपको यह भी बता दें कि आरएमएससी मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की राज्य इकाई है। एमसीआई को 7 सितंबर 2017 को केंद्र सरकार भंग कर चुकी है।