RTI में खुलासा: नोटबन्दी के कारण 107.20 अरब रुपए का कालाधन मिला

10
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

नई दिल्ली।

नोटबंदी के आज 2 वर्ष पूरे हो गएहैं। पीएम नरेंद्र मोदी सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना नोटबंदी के फैसले पर केंद्र में भाजपा की सरकार व मोदी को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल आरोपों में लगे हैं।

लेकिन एक RTI से नोटबंदी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मार्च के अंत तक बंद किए गए 500 और 1000 के नोटों को नष्ट किया जा चुका है।

मध्यप्रदेश के नीमच शहर निवासी चंद्रशेखर गौड़ की RTI में मिली जानकारी के अनुसार 107.20 अरब रुपए का कालाधन मिला है, जिसका कोई धणी धोरी नहीं मिला है।

गौड़ को RBI के मुद्रा प्रबंध विभाग के द्वारा 29 अक्टूबर 2018 को भेजे पत्र से विमुद्रित बैंक नोटों को नष्ट किए जाने के बारे में जानकारी मिली है।

RTI में यह भी बताया गया कि 8 नवंबर 2016 को जब नोटबंदी की घोषणा की गई, तब रिजर्व के सत्यापन और मिलान के मुताबिक 500 और 1,000 रुपए के कुल 15,417.93 अरब रुपए मूल्य के नोट चलन में थे।

8 नवम्बर 2016 को मोदी सरकार के द्वारा किए गए Demonetisation में से 15,310.73 अरब रुपए मूल्य के नोट बैंकिंग प्रणाली में लौट आए हैं।

इस RTI के जवाब से यह भी साफ हुआ है कि नोटबंदी के बाद केवल 107.20 अरब रुपए मूल्य के विमुद्रित नोट बैंकों के पास वापस नहीं आ सके, यानी यह धन काला धन था।

एक्टिविस्ट गौड़ की आरटीआई पर RBI ने जवाब दिया है कि मुद्रा सत्यापन एवं प्रसंस्करण प्रणाली (सीवीपीएस) की मशीनों के जरिए 500 और 1,000 रुपए के विनिर्दिष्ट बैंक नोटों को नष्ट किया गया।

यह प्रक्रिया इसी साल मार्च के अंत तक खत्म हुई है। यहां SBN से तात्पर्य 500 एवं 1,000 रुपए के बंद नोटों से है। जिनको बन्द करने के बाद नष्ट किया गया है