सरकार के आदेश धत्ता, निजी अस्पतालों में नहीं मिला मरीजों को उपचार

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

जयपुर।
भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना पर घिरे संकट के बाद फिलहाल छंटते नजर नहीं आ रहे हैं। पिछले तीन दिन से योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अस्पतालों को योजना के तहत भुगतान नहीं करने संबंधित किए गए मेल के बाद निजी अस्पतालों ने भामाशाह योजना के तहत अस्पतालों में मरीज भर्ती करने बंद कर दिए हैं। हालाकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इसके बाद अस्पतालों को मेल कर निर्धारित प्रावधानों के तहत उपचार जारी रखने हेतु निर्देशित किया था, लेकिन इन निर्देशों की पालना भी निजी अस्पतालों ने नहीं की। जयपुर के साथ ही राज्य के अधिकांश निजी बड़े और छोटे अस्पतालों ने रविवार को भी योजना के तहत कोई मरीज भर्ती नहीं किया।

निजी अस्पतालों के तर्क
निजी अस्पताल संचालकों का तर्क है कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत उपचार करने पर इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उन्हें भुगतान किया जाता है। इस कंपनी के साथ ही अस्पतालों का करार है, ऐसे में कंपनी द्वारा भुगतान रोक देने पर अस्पताल कैसे उपचार कर सकते हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है, लेकिन करार तो कंपनी के साथ है, सरकार कैसे भुगतान करेगी। अस्पताल संचालकों को स्पष्टï कहना है कि कंपनी ने मेल कर भुगतान रोकने की बात कही है, अब वह ही फिर से मेल कर भुगतान शुरू करने की बात करे तो उपचार शुरू कर दिया जाएगा।

सरकार-कंपनी के बीच ठनी
कंपनी की अनियमितताएं सामने आने पर सरकार ने कंपनी को दी जाने वाली प्रीमियम राशि में से 106 करोड रुपए रोक लिए, ऐसे में कंपनी ने अस्पतालों को मेल कर 13 सितबंर बाद भर्ती मरीजों के उपचार के बदले भुगतान करने से इंकार कर दिया। नतीजतन अस्पतालों ने योजना के तहत मरीजों का उपचार करना बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि सरकार और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच बात हुई है, लेकिन दोनों के बीच ठनी हुई है, जिससे कोई समझौता नहीं हो सका। जानकारों का कहना है कि कंपनी स्पष्टï कह रही है कि प्रीमियम की बकाया राशि का भुगतान होने के बाद ही करार आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार का दावा… हो रहा है उपचार
चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने रविवार को एक बार फिर निजी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि वे योजना के तहत मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार करें, सरकार निजी अस्पतालों को पूरा भुगतान कराने के प्रति जिमेदार है। वहीं चिकित्सा विभाग ने भी आंकड़े जारी किए हैं कि शनिवार को सरकारी अस्पतालों में 3 हजार 270 तथा निजी अस्पतालों में 4 हजार 117 सहित कुल 7 हजार 387 मरीजों के उपचार के मामले दर्ज किए गए हैं। यह संया पिछले 2 माह के दौरान रहे औसत के बराबर है।

इनका कहना है
कंपनी को मनमानी नहीं करने देंगे। सभी अस्पतालों को संदेश भेजकर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पहले की तरह मरीजों का ईलाज करते रहने के लिए कहा गया है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार भुगतान करवाया जाएगा।
आशीष मोदी, ज्वाइंट सीईओ, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना