विवि के नवनिवार्चित छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़ की कुर्सी खतरे में

3898
nationaldunia
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

जयपुर।

आज से ठीक एक माह पहले, 31 अगस्त को मतदान और 11 सितंबर को हुई मतगणना के बाद निवार्चित हुए राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़ की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। विवि में राजस्थान महाविद्यालय का छात्रसंघ अध्यक्ष रहते 2015 में दर्ज एक केस को लेकर उनका पर्चा खारिज कर छात्रसंघ चुनाव रद्द करने की मांग की गई है।

विवि में इस बाबत आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से कुलपति प्रो. आर.के. कोठारी को ज्ञापन देकर अध्यक्ष विनोद जाखड़ का पर्चा खारिज मानते हुए पूरा चुनाव ही रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि यह चुनाव दुबारा हो, ताकि योग्य उम्मीदवार को छात्रसंघ चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।

एबीवीपी के द्वारा आज कुलपति को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि विनोद जाखड़ विवि के राजस्थान कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष थे, तब 25 जून 2015 को उनकी जगह राजेश नामक एक छात्र परीक्षा दे रहा था। विनोद जाखड़ की जगह एक अन्य छात्र राजेश के द्वारा परीक्षा देते हुए उसे पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

मजेदार बात यह है कि विनोद जाखड़ द्वारा छात्रसंघ चुनाव के वक्त इस बात का जिक्र अपने नामांकन पत्र में किया गया था कि वह न्यायालय द्वारा दंड़ित किया हुआ है, बावजूद विनोद जाखड़ का पर्चा ​खारिज नहीं किया गया। यही बिंदू विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।

जिहाजा ​इस मामले को लेकर जहां छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सरीना कालिया पर उंगली उठ रही है, वहीं विवि के द्वारा पारद​र्षितापूर्वक चुनाव करवाने के दावे पर भी कई सवाल खड़े होते हैं।

बताया जा रहा है कि राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के संविधान के चैप्टर 4 के नियम 20 के बिंदू ई के अनुसार विनोद जाखड़ का नामांकन पत्र खारिज किया जाना चाहिए था, लेकिन विवि प्रशासन ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया, जिसके चलते एबीवीपी के उम्मीदवार राजपाल चौधरी को हार कर सामना करना पड़ा।

ज्ञापन के साथ में तब विभिन्न अखबारों में छपी खबरों की कटिंग संलिप्त करते हुए कहा गया है कि 25 जून 2015 को विनोद जाखड़ के एग्जाम देने के स्थान पर दूसरे विद्यार्थी ने परीक्षा दी थी। पुलिस ने तब उसको गिरफ्तार भी किया गया था। विवि ने विनोद जाखड़ पर यूएम का केस भी बनाया था।

एबीवीपी ने मांग की है कि अगले 24 घंटे में सारे मामले की जांच करवाई जाए और जांच कर विनोद जाखड़ का पर्चा खारिज मानते हुए विनोद जाखड़ को पदच्युत किया जाए। ऐसा नहीं करने पर एबीवीपी ने आंदोलन करने और विवि के ताला जड़ने की चेतावनी भी दी है।

इस मामले में विनोद जाखड़ का कहना है कि विवि ने जो फार्म दिया था, उसके सभी कॉलम भरे हैं। जिसमें उन्होंने साफ लिखा है कि उनपर केस दर्ज हुआ था, जिसमें वह बरी हो चुकेे हैं।

इधर, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.के. कोठारी को एबीवीपी के द्वारा ज्ञापन दिए जाने के बाद उन्होंने मामला ग्रिवांस से को भेज दिया है। सेल इस प्रकरण की जांच करेगी, उसके बाद विवि आगे का फैसला लेगा।

आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिषद का कहना है कि विनोद जाखड़ के नामांकन पत्र में बड़ी खामी को छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सरीना कालिया और उनके स्टाफ ने जांचकर उसका पर्चा खारिज करने में जानबूझकर खेल किया था।

चुनाव अधिकारी रहे प्रो. विजयवीर सिंह ने इस बात को स्वीकार किया है कि पर्चा जांचते वक्त कोई चूक हो गई होगी, कोई शिकायत मिलेगी तो उसको ग्रिवांस सेल को भेजकर जांच करवाई जाएगी।

ऐसी खबरों के लिए हमारे साथ बने रहिए। सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए हमें आप Paytm नं. 9828999333 पर आर्थिक मदद भी कर सकते हैं।