डॉक्टर भी हैरान, कि कैसे बची मरीज की जान?

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7 घंटे में दो बार किए आॅपरेशन, चमत्कारिक रुप से बचाई जान

जयपुर।

शहर के जाने-माने न्यूरो सर्जन डॉ. राजवेंद्र सिंह चौधरी ने बेहद कठिन माने जाने वाले नस का गुब्बारा (एन्यूरिज्म) का 7 घंटे में दो बार आॅपरेशन कर करीब-करीब मृत अवस्था में पहुंच चुके मरीज की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है।

उन्होंने बताया कि यह आॅपरेशन इसलिए पैचीदा था, क्योंकि इस रोग के करीब 65 फीसदी मरीज तो बचते ही नहीं हैं।

जिस स्टेज पर यह बीमारी थी, और जिस तरह से 7 घंटे में दो बार आॅपरेशन करना पड़ा, यह भी कमाल ही था।

मरीज अब पूरी तरह ठीक है, उसको छुट्टी भी दे दी गई है। इस आॅपरेशन में डॉ. सिंह के अलावा डॉ. विजय गुप्ता और आशीष ने भी सहयोग किया।

रोगी श्रीभान (32) के सिर में एन्यूरिज्म था। जयपुर में कई डॉक्टरों को दिखाया गया, लेकिन सभी ने उसके आॅपरेशन के दौरान जिंदा बचने की संभावना से इनकार कर दिया।

इसके बाद श्रीभान टोंक रोड पर जयपुर अस्पताल में डॉ. राजवेंद्र सिंह को दिखाया। जांच के बाद डॉ. सिंह ने 5 घंटे तक चले आॅपरेशन के बाद इसमें सफलता पाई।

ऑपरेशन के बाद अगले 10 मिनट बाद ही मरीज को होश भी आ गया, लेकिन अगले ही पल मरीज का बीपी 180 तक पहुंच गया और वह 5 मिनट बाद ही फिर से बेहोश हो गया।

डॉ. सिंह ने बताया कि मरीज की सीटी स्केन करने का भी वक्त नहीं मिला। उन्होंने मरीज को आॅपरेशन टेबल पर लेकर 2 घंटे में फिर से आॅपरेशन किया।

डॉ. सिंह के मुताबिक इस तरह की स्थिति में मरीज के बचने की क्षीण सी संभावना भी नहीं होती है।

लेकिन इस आॅपरेशन के बाद दूसरे दिन ही मरीज को होश भी आ गया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। मरीज को आज छुट्टी दे दी गई है।

डॉ. सिंह कहते हैं कि उनके करियर में 2 हजार से ज्यादा आॅपरेशन में यह पहला मामला है, जिसमें इतना सबकुछ होने के बाद भी मरीज को बचाया जा सका है। डॉ. सिंह इसको किसी चमत्कार से कम नहीं मानते हैं।