‘द्रव्यवती रिवर फ्रंट’ जयपुर में अब तक की सबसे बड़ी परियोजना

137
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

जयपुर।

आज से राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी खुद का रिवरफ्रंट हो गया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज शाम 5:00 बजे द्रव्यवती सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के 16 किलोमीटर क्षेत्र में नदी के सौंदर्यकरण लोकार्पण कर दिया।

नदी के सुंदरीकरण का काम टाटा कंपनी ने किया है, जिसकी लागत 3000 करोड़ से अधिक आई है। अभी तक नदी का कार्य पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 16 किलोमीटर में नदी को तैयार किया जा चुका है।

नदी के लोकार्पण समारोह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया यह है।

राजधानी जयपुर के लिए लाइव लाइन साबित होने वाली प्रयोजना है, जिसको हमने केवल 1 साल के भीतर पूरा करने का वादा किया था और उसे आज जनता को समर्पित कर रहे हैं।

इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने बताया कि नदी को हमने पूरी तरह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है।

यह प्रोजेक्ट शहर में जैसलिया से प्रारंभ होकर साढे 47 किलोमीटर दूर ढूंढ नदी में जाकर मिलने वाली द्रव्यवती नदी को निर्मल धारा प्रदूषित नाले के रूप में विकसित हो गई थी, लेकिन द्रव्यवती नदी परियोजना क्षेत्र में नदी में पानी बना रहे, इसके लिए प्रत्येक 300 मीटर चेक डैम बनाए गए हैं।

नदी में सीकर रोड देवरी क्षेत्र में 170 एमएलडी क्षमता के पांच एसटीपी प्लांट स्थापित किए गए हैं, नदी के 38 किलोमीटर में साइकिल ट्रैक का निर्माण करवाया गया है। स्मार्ट साइकिल ग्रीन राइड एप के जरिए नागरिक साइकिलिंग का आनंद उठाया जा सकता है।

नदी प्रोजेक्ट इन बनी पार्क में स्थापित किए गए हैं। पानीपेच सीकर रोड पर 3.68 हेक्टेयर, शिप्रा पथ मानसरोवर पर 2.95 हेक्टेयर और बंबाला पुलिया के पास 2.98 हेक्टेयर पार्क विकसित किए गए हैं।

बम्बाला में बोटैनिकल पार्क और शिप्रा पथ पर सुंदर पार्क विकसित किया गया है। नदी पर 17000 पेड़ पौधे, सजावटी पौधे और झाड़ियां लगाई गई हैं।

पूरी परियोजना को इस तरह से विकसित किया गया है कि 30 किलोमीटर क्षेत्र में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरा की नजर रहेगी।

यहां पर वाई-फाई सुविधा मिलेगी। कियोस्क, स्मार्ट डस्टबिन, वेरिएबल मैसेज सैनेजेज, नदी के शहरी क्षेत्र में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। नदी क्षेत्र में फुटपाथ सुविधा क्षेत्र स्ट्रीट लाइट्स, नदी के सहारे 45 स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय में स्थापित किए गए हैं।

हालांकि, जयपुर में पिछले 40 साल में ऐसा कोई बाढ़ नहीं आया, जिससे बहुत बड़ी मात्रा में जनहानि हुई हो, लेकिन इस परियोजना को इस तरह से बनाया गया है, ताकि यदि शहर में 40 साल पहले जैसा बाढ़ आ जाए तो पूरे शहर का पानी आसानी से बाहर निकल जाए। नदी को सभी अतिक्रमण से मुक्त किया गया है।

नदी के दोनों तरफ लैंडस्केप और पौधारोपण से जयपुर का वातावरण बेहतर बनाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी यह शानदार चीज होगी।