सरकारी नौकरी की आस लगाए युवाओं के सपनों से यूं खेल रहे हैं राजनीतिक दल—

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

जयपुर।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में चुनाव की तारीख तय होने के साथ ही सियासी पार्टियों के नेताओं की धड़कने तेज हो गई है।

युवाओं के बीच व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम की लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने-अपने चुनावी फायदे के लिए करने के लक्ष्य से सभी राजनीतिक दल खास रणनीति बना रहे हैं।

दलों का मकसद सोशल मीडिया साइट्स के जरिए युवाओं तक पहुंचना और उन्हें अपने पक्ष में वोट डालने के लिए आकर्षित करना है।

राज्य में अगले कुछ सप्ताह में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए करीब चार करोड़, 74 लाख से ज्यादा मतदाता पंजीकृत हैं। पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में करीब 67.53 लाख की वृद्धि हुई है।

इन 67 लाख मतदाताओं में शामिल युवाओं की बड़ी संख्या को लुभाने के लिए भाजपा, कांग्रेस और आप ने खास रणनीति बनाई है। सभी ने चुनाव में युवाओं को साधने के लिए आक्रामक सोशल मीडिया कैम्पेन चला रहे हैं।

सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाली राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं, उनकी सफलताओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में मतदाताओं को बताने के लिए व्हाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसी लोकप्रिय सोशल साइटों का प्रयोग कर रही है।

पार्टी का अपना सोशल मंच ‘भाजपा लाइव’ भी है।
भाजपा के सोशल मीडिया के प्रदेश प्रभारी हिरेन्द्र कौशिक ने बताया कि प्रदेश के 51 हजार बूथों पर पार्टी का एक-एक आईटी कार्यकर्ता तैनात है। इसके लिए मंडल स्तर पर हमने 10 लोगों की टीम बनाई है।

जिला स्तर और राज्य के स्तर पर भी सोशल मीडिया की टीमें हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा के व्हाट्सऐप नेटवर्क से 14.5 लाख लोग जुड़े हुए हैं। प्रत्येक जिले का अपना फेसबुक पेज है। कोटा जिले में ही करीब 1.5 लाख लोग फेसबुक पेज से जुड़े हैं।

प्रदेश में करीब 6.5 लाख लोग हमारे फेसबुक पेज से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर करीब 35 लाख लोग जुड़े हुए हैं।

कौशिक ने बताया कि ट्विटर पर भाजपा से करीब 1.35 लाख लोग जुड़े हुए हैं। हमने यू-ट्यूब लिंक भी शुरू किया है। हम प्रत्येक सोशल मीडिया साइट पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

इधर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी युवाओं को अपने पक्ष में करने के लिए सोशल साइट्स पर भरोसा कर रही है। पार्टी ने प्रोजेक्ट ‘शक्ति’ के जरिए 8 लाख युवाओं को हाल ही में अपने साथ जोड़ा है।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मीडिया प्रभारी डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सोशल मीडिया साइटों पर सक्रिय नहीं थी।

लेकिन सोशल साइटों पर अन्य दलों की मौजूदगी को देखते हुए हमने इस बार अपनी सक्रियता बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों की बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर यह जनता से जुड़ने का बेहद सशक्त माध्यम बन गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इसका उपयोग कांग्रेस और उसके नेतृत्व के खिलाफ नकारात्मकता फैलाने के लिए किया था। लेकिन पार्टी इसका सकारात्मक उपयोग करेगी, इस बार कांग्रेस सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय दिखेगी।

शर्मा ने बताया कि कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढाने के लिये एक सर्मिपत टीम का गठन किया है। शक्ति प्रोजेक्ट के जरिये युवा कार्यकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट से सीधी बातचीत कर सकते हैं।

आम आदमी पार्टी (आप) की राजस्थान में सोशल मीडिया टीम के प्रभारी देवेंद्र देव ने बताया कि पार्टी हर उम्मीदवार के लिए एक सोशल मीडिया मैनेजर रखेंगी, जो जनसंपर्क तथा जनकार्य से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि को ट्विटर, फेसबुक एवं व्हाट्सऐप पर शेयर करेगा।

उन्होंने बताया कि पार्टी के विशेष नंबर पर बीते तीन महीने में 16000 से अधिक मिसकॉल आई हैं, जिन्हें पार्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

पार्टी ने व्हाट्सऐप पर एक हेल्पलाइन शुरू की है, जिसके जरिए घोषणापत्र के लिए जनता के सुझाव मांगे जाएंगे।

इधर, भारत वाहिनी पार्टी ने सोशल मीडिया साइट्स पर विशेष ध्यान देने का काम आज से दो साल पहले, जब पार्टी का गठन भी नहीं हुआ था, तभी कर दिया था।

पार्टी अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी की इस टीम में एक दर्जन युवाओं को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसकी निगरानी युवा वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष सुधांशु जैन बताते हैं कि अब चुनाव प्रचार का तरीका बदल गया है।

वह जमाना गया, जब कपड़ों पर बैज लगाकर नेता का प्रचार किया जाता था, आज युवा ही नहीं प्रोढ़ और 50 साल के उपर के मतदाता भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, इसलिए इस माध्यम का उपयोग किया जा रहा है।

पांच साल से निर्दलीय विधायक रहकर भी विपक्षी पार्टी कांग्रेस से ज्यादा सरकार की नाक में दम रखने वाले हनुमान बेनीवाल की टीम भी लगातार सक्रिय है।

टीम सबसे अधिक यूट्यूब, फेसबुक, ट्विटर पर सक्रिय है। राजस्थान से पांच साल में यू ट्यूब पर सर्वाधिक पसंद किए जाने वाले नेताओं में बेनीवाल ही हैं।

उनका भी टारगेट वही युवा वर्ग है, जो उनको पसंद भी करता है। बेनीवाल का टारगेट पश्चिमी राजस्थान की आधी सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने पर है।