राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जान को बड़ा खतरा-

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-गौरव यात्रा में सीएम की सुरक्षा में कई जिलों में भारी चूक, इंटेलीजेंस के रिव्यू में आया सामने, जहां चूक दिखी वहां भेजी सुरक्षा के लिए नई गाइड लाइन।
जयपुर।

प्रदेश में डेढ महीने से ज्यादा समय से चल रही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दौरान कई जिलों में उनकी सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। जिससे इंटेलीजेंस के अफसरों में खलबली मच गई है।

इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मुख्यमंत्री जहां पर लोगों के अधिक नजदीक जा रही हैं, वहां पर कुछ ऐसे तत्व पाए जाने की के सबूत मिले हैं, जो मुख्यमंत्री की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।

ऐसे में पुलिस जहां सतर्कता बरत रही है वहीं पर इंटेलिजेंस के लोगों को अधिक निगरानी रखने की हिदायत दी गई है। मुख्यमंत्री की जान को खतरा होना जहां राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, वहीं पर उनके द्वारा बड़ी जनसभा में करने और उनकी पॉपुलर एलटी बढ़ने की संभावनाओं को बल मिलता है।

गौरतलब यह भी है कि पिछले दिनों जोधपुर संभाग के दौरे के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके काफिले पर पत्थरबाजी की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

कहीं मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर कोई बडा बवंडर नहीं हो जाए, इसे लेकर इंटेलीजेंस ने दस से ज्यादा जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिख कर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक को सुधारने के लिए नई गाइड लाइन दी गई हैं।

प्रदेश में मुख्यमंत्री कोई भी हो उसकी सुरक्षा का जिम्मा इंटेलीजेंस पुलिस के जिम्मे होता है। चूंकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बीते 4 अगस्त से लगातार प्रदेश में राजस्थान गौरव यात्रा निकाल रही है।

यात्रा के दौरान वे लगातार भारी भीड व जन सभाओं को संबोतिध करती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक होने की संभावना का अंदेशा पहले से ही इंटेलीजेंस पुलिस को रहता है।

इंटेलीजेंस पुलिस के सूत्रों के अनुसार अभी तक मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान जहां जहां बडी जन सभाओं को संबोधित किया है, वहां सभाओं की समाप्ति के बाद जब इंटेलीजेंस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा की पडताल की तो लगभग दस जिलों में हुई सभाओं में इंटेलीजेंस को मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भारी चूक मिली।

इंटेलीजेंस पुलिस के सूत्रों के अनुसार कई विधान सभा क्षेत्रों में तो मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगाए गए बेरिकेडिंग ही सही तरीके से नहीं लगाए गए, जिससे लोग मंच तक पहुंचने मे सफल तक हो गए।

वहीं कई जगह मंच पर जरूरत से ज्यादा लोग थे। संबधित जिले की सुरक्षा एजेंसियों ने इसके अलावा कई कमियां छोडी, जिसे इंटेलीजेंस पुलिस ने बेहद ही गंभीर माना है।

अब इंटेलीजेंस पुलिस ने लगभग दस जिलों के पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र भेज कर उनके जिलों में मुख्यमंत्री की सभाओं के दौरान जो कमियां या चूक हुई, उनको बताया गया है और जल्द कमियां कमियां सुधारने के लिए भी कहा है।

उधर पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तक करौली कलक्टर अभिमन्यु कुमार की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं होती रही। पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा ने इंटेलीजेंस अफसरों से लेकर गृह विभाग तक कलक्टर की ओर से भेजे गए पत्र को लेकर पडताल की, लेकिन पता चला कि कलक्टर की ओर से न तो गृह विभाग को कोई पत्र मिला और न ही पुलिस मुख्यालय को।

अफसर दिन भर चर्चाएं ही करते रहे, लेकिन पत्र के बिना न कोई बैठक हुई और न ही आला अधिकारियों की ओर से कोई निर्देश जारी हुए।