“रोडवेज़ घाटे में 7वां वेतनमान नहीं”, ऐसा कहना सरकार की हटधर्मिता – तिवाड़ी

5
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

करौली।
भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी रविवार को करौली में थे। तिवाड़ी ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से प्रदेश में रोडवेज़कर्मियों ने हड़ताल कर रखी है।
उन्होंने कहा कि 5 साल की सरकार से मंत्रियों की चर्बी बढ़कर संवेदनहीन हो गई है। संवेदनहीन सरकार आम जनता की परेशानी नहीं समझ रही है। तिवाड़ी करौली के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
वाहिनी अध्यक्ष तिवाड़ी ने कहा कि लाभकारी अर्थव्यवस्था, सामंती सोच और पूँजीवादी चिंतन की पोषक है। सार्वजनिक उपक्रम जनकल्याण के लिए होते हैं न की लाभ-हानि के लिये।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री की नज़र राजस्थान रोडवेज़ की सम्पत्ति पर है। सरकार का उद्देश्य रोडवेज़ बंद कर, संपत्ति को सस्ते दामों में पूँजीपतियों को बेचकर स्वयं को लाभ दिलाना है।
 घनश्याम तिवाड़ी ने कहा रोडवेज़ कर्मचारियों के विरोध के बावजूद लोक परिवहन सेवाओं को परमिट देकर और प्राइवट बसों का संचालन रोडवेज़ आगार से ही करवाया जा रहा है।
तिवाड़ी ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने नई बसों का क्रय नहीं किया, वहीं पुरानी बसें देख-रेख के अभाव में आए दिन ख़राब होती रहती हैं। इसी कारण से रोडवेज़ बसों को यात्री मिल नहीं पाते।
 तिवाड़ी ने कहा कि परिवहन आम आदमी की सुगमता के लिए होता है। विश्व में कहीं भी परिवहन व्यवस्था फ़ायदे में नहीं है। उन्होंने कि सरकार का यह तर्क की “हम घाटे में है” और इसीलिए “सातवाँ वेतनमान नहीं” कहना प्रदेश सरकार की हटधर्मिता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सरकार अब चार दिन की मेहमान है, दोबारा नहीं आने वाली। इसलिए मेरी माँग है कि हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की सभी माँगे स्वीकार की जाए।
करौली की टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र में चुनावी अभियान शुरू वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष तिवाड़ी रविवार को  टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए।
उन्होंने इस दौरान वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र मीणा के नेतृत्व में वाहन रैली को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस दौरान योगेन्द्र शर्मा गंगापुर सिटी, वेद प्रकाश उपाध्याय पूर्व सभापति नगर परिषद करौली, डॉ सीके शर्मा, कुलदीप पाठक, बजरंग लाल शर्मा, योगेश शर्मा भी मौजूद थे।